Dil Hai Ke Manta Nahin
मेरी हालत ऐसी ही हो गयी थी. जब मुझे मेरे बॉयफ्रेंड के दोस्त ने सेक्स का प्रोपोज़ल रखा तो मैंने उसे हाँ कर दी. वह मुझे अपने दोस्त के कमरे पर ले गया.
दोस्तो, मेरा नाम माधुरी दवे है।
मैं गुजरात की रहने वाली हूँ।
मैं अन्तर्वासना की नियमित पाठक रही हूँ।
बहुत दिनों से मेरा भी मन कर रहा था कि मैं भी अपनी कहानी लिखूँ।
मेरी उम्र 23 साल है. मेरा रंग गोरा और मेरे बाल काले और मेरी कमर तक लंबे हैं.
मेरा फिगर साइज 34-26-36 है.
मैं अपने मोहल्ले की सबसे ज्यादा हॉट माल हूं।
मैं देखने में बहुत सेक्सी लगती हूँ … मेरे मोहल्ले के लड़के हमेशा मुझे चोदने के चक्कर में रहते थे।
जब मैं 18 साल की थी तब मैंने पहली बार सेक्स किया था और मेरी सील टूटी थी।
तब मेरे पड़ोस में रहने वाले एक लड़के से मुझे पहली बार प्यार हो गया था।
उसका नाम आकाश था और उसी ने मुझे चोद कर मेरी चूत की सील तोड़ी थी।
फिर वो रोज रात को सब के सोने के बाद मेरे घर आता था और मुझे बहुत चोदता था।
और उसके साथ मैंने 2 साल तक चूदाई का मज़ा लिया।
रोज़ रात को मैं मेरे पड़ोसी ब्वॉयफ्रेंड आकाश से चुदवाती थी।
फिर मैं कॉलेज जाने लगी थीं।
मेरे गांव में कॉलेज नहीं था तो मुझे कॉलेज के लिए रोज़ शहर में जाना पड़ता था।
दूसरे स्टूडेंट्स की तरह मैं भी बस से कॉलेज आती जाती थी।
तब कुछ ही दिनों में बस में आने जाने वाले कुछ लड़के मेरे फ्रेंड्स बन गए थे।
उनमें से पहले एक अनिल नाम के लड़के के साथ मेरी सेटिंग हो गई थी और वो भी मुझे बहुत चोदता था।
अनिल के साथ मेरी सेटिंग छह महीने रही फिर उसके साथ मेरा ब्रेकअप हो गया।
अनिल के साथ ब्रेकअप होने के बाद मेरी सेटिंग उसके एक दोस्त सुकांत के साथ हो गई।
सुकांत के साथ मेरी सेटिंग काफी लंबे समय तक चली और उसने भी मुझे बहुत बार चोदा था।
18 साल की उम्र में ही मैं तीन लड़कों से दिन में और रात में बहुत बार चुद चुकी थी।
आकाश और सुकांत के साथ मेरे रिलेशन बहुत अच्छे चल रहे थे इस बीच मेरी दोस्ती फलित नाम के लड़के के साथ हो गई थी।
फलित भी मेरे साथ बस में कॉलेज आता था और फलित से दोस्ती होने के बाद कभी कभी फलित भी मुझे चोदता था।
यह घटना आप मेरी पिछली कहानी
बॉयफ्रेंड के दोस्त ने मुझे सेट करके चोदा
में पढ़ चुके है.
कॉलेज के दूसरे साल में आते आते मैं चार लड़कों से चुद चुकी थी। आई नीड डेली सेक्स नाउ!
फलित से चुदवाने में मुझे सबसे ज्यादा मज़ा आता था लेकिन मेरा बॉयफ्रेंड सुकांत उसका दोस्त था और आकाश उसका दूर का भाई था तो उनसे छुप छुप कर हम कभी कभी चुदाई करते थे।
फलित के साथ मेरी बहुत अच्छी बनती थी, वो मेरे बारे में सब कुछ जानता था फिर भी उसने मेरे साथ दोस्ती की ओर उसने कभी मुझे परेशान नहीं किया था।
हम दोनों के बीच में खुल कर बात होती थी।
एक दिन मैं फलित के साथ चैट कर रही थी, हम दोनों ने बहुत देर तक एक दूसरे के साथ चैट की.
बातों ही बातों में उसने मुझे कहा- तुम बहुत चुदक्कड़ लड़की हो, कभी तुमने एक साथ दो लन्ड लिए हैं?
फिर उसने मुझे कुछ ग्रुप सेक्स के छोटे छोटे वीडियो भेजे।
वीडियो देख कर मुझे भी मन हो रहा था कि कभी एक बार ऐसे मेरी भी चूदाई हो।
फिर मैं उससे और आगे बात करने लगी- ऐसे चुदने में तो बहुत मज़ा आएगा।
फलित ने मुझे कहा- अगर मज़ा आएगा तो करो कभी ऐसे!
मैंने कहा़- ऐसे कौन करेगा? मैं सिर्फ मज़ाक कर रही थी।
फलित ने कहा- तुम करना चाहती हो तो मैं कुछ करूं तुम्हारे लिए?
मैंने कहा़- तुम क्या करोगे इसमें मेरे लिए?
फलित ने कहा- अगर तुम एक साथ दो लन्ड से चुदना चाहती हो तो मैं तुम्हारे लिए दूसरे लन्ड का इंतजाम करूं?
मैंने कहा- अच्छा, तुम अपनी दोस्त को किसी दूसरे से चुदवाओगे?
फलित ने कहा- हां, अगर मेरी दोस्त चाहती हैं तो मैं उसके लिए ऐसा कर सकता हूं।
मैंने कहा़- ठीक है, लेकिन तुम ऐसा दूसरा लड़का कहा़ से ढूंढोगे जो तुम्हारे साथ मिलकर मेरी चूदाई करे।
फलित ने कहा- पहले तुम हां करो, बाकी सब मेरे ऊपर छोड़ दो। अगर तुम दो लन्ड से चुदने को तैयार हो तो तुम्हें चोदने के लिए दूसरा लन्ड खड़ा ही है।
मैंने पूछा- कोन हैं वो? और तुम सच में मुझे किसी और से चुदवाने की बात कर रहे हों। मैं तो मज़ाक कर रही थी।
फलित ने कहा- मज़ाक नहीं है, मेरा एक दोस्त है वो कब से तुम्हें चाहता है और वो तुम्हें चोदना चाहता है।
मैंने कहा- कौन है, नाम तो बताओ उसका?
मैं बहुत सोच में पड़ गई थी।
फलित ने कहा- उसका नाम रोमिल है, वहीं जो मेरे साथ बस में कॉलेज आता है।
मैं रोमिल को अच्छे से जानती थी।
व बस में भीड़ का फ़ायदा उठा कर कई बार मेरी गांड पर अपने हाथ घुमाया करता था।
मैंने फलित से कहा- नहीं, मैं उसके साथ करूंगी।
फलित ने मुझे बहुत मनाने की कोशिश की।
उसने मुझे कई बार इमोशनल ब्लैकमेल भी किया।
आखिरकार मुझे उसकी बात माननी पड़ी।
मैं फलित और रोमिल के साथ ग्रुप सेक्स करने के लिए तैयार हो गई।
लेकिन मैंने फलित से कहा- मैं किसी से गांड नहीं मरवाऊंगी। तुम दोनों बारी बारी मेरी चूत में डाल देना।
फलित ने कहा- हां ठीक है, मैं उसे समझा दूंगा। तुम चिंता मत करो।
मैंने फलित से पूछा- ठीक है, कल कहाँ पर मिलेंगे?
फलित ने कहा- बस तुम अपने गांव के बाहर आ जाना, मैं तुम्हें लेने आ जाऊंगा।
मैं बहुत खुश हो गई, एक साथ दो लन्ड लेने के लिए और सुबह का इंतजार करने लगी।
सुबह होते ही मैं मस्त तैयार हो कर फलित से मिलने गई।
वो मुझे बाइक पर लेने आ गया।
फिर वो मुझे रोमिल के घर पर ले गया।
मैं थोड़ी टेंशन में थी।
मैं रोमिल को जानती थी इसलिए मैंने फलित से कहा- ये किसी को कुछ बताएगा तो नहीं ना?
फलित ने कहा- अरे, तुम चिंता मत करो, अभी इसके घर पर कोई नहीं है और वो किसी को कुछ भी नहीं बताएगा। क्योंकि उसको भी मज़ा लेना है।
मुझे थोड़ा अजीब लग रहा था लेकिन फलित ने मेरी कमर में हाथ डाला और बोला- चलो अंदर चलते हैं।
उसने दरवाजा खोला और हम अंदर गये।
घर में सिर्फ रोमिल अकेला ही था।
रोमिल ने मुझे देखते ही हाय कहा और मेरे साथ नॉर्मल बातें करने लगा।
उसे देख कर मैं बहुत टेंशन में थी और उसके साथ बात करने में थोड़ी घबरा रही थी।
फिर रोमिल ने कहा- टेंशन मत लो, यहां कोई नहीं आएगा. और तुम चिंता मत करो सब हम लोगों के बीच में ही रहेगा। तुम्हें भी बहुत मज़ा आएगा।
रोमिल तो मेरे साथ ऐसे खुल कर बात कर रहा था जैसे मैं उसकी गर्लफ्रेंड हूं और वो मुझे कई बार चोद चुका है।
लेकिन मेरे मुंह से ठीक से शब्द भी नहीं निकल रहे थे।
फलित एक सोफे पर बैठ गया, मैं फलित के पास बैठ गई।
रोमिल हमसे थोड़ा दूर एक कुर्सी पर बैठा हुआ था।
फिर रोमिल ने मुझे कहा- आज मुझे मौका दे रही हो तो मेरे पास बैठो।
मैं थोड़ा शर्मा रही थी।
तभी फलित ने मेरा हाथ पकड़ा और रोमिल को कहा- ये तो सिर्फ मेरी है!
और फिर फलित ने मुझे खींच कर अपनी गोद में बिठा लिया।
फलित ने मुझे अपनी गोद में बिठा कर मेरी जांघों पर हाथ फिराये।
रोमिल कुर्सी से उठकर मेरे करीब आ रहा था।
मैंने फलित से कहा़- मुझे बाथरूम जाना है।
रोमिल ने मुझे इशारा करते हुए कहा- उस तरफ है बाथरूम!
मैं फटाफट से उठकर बाथरूम में चली गई।
मैं एक साथ दो लन्ड लेना भी चाहती थी लेकिन मेरा डर कभी कभी मुझे रोक दिया करता था।
मैंने बाथरूम में करीब दस मिनट गुजारे।
फिर मैंने खुद को पूरे मन से तैयार कर लिया कि जो भी होगा वो देखा जाएगा। आज तो एक साथ दो लन्ड ले ही लेती हूं।
मैं बाथरूम से बाहर निकली तब कमरे में सिर्फ रोमिल ही था।
फलित कहीं दिखाई नहीं दे रहा था।
मैंने थोड़ा हैरान हो कर रोमिल से पूछा- फलित कहाँ गया?
रोमिल ने बताया- वो बस यहीं पास की दुकान पर गया है, अभी आ रहा है।
मैं सोफे पर बैठ गई और रोमिल थोड़ा दूर दूसरे सोफे पर बैठ गया।
रोमिल ने मुझसे बातें करनी शुरू की।
मैं भी उससे बातें करने लगी।
थोड़ी बातें करने के बाद मैं भी रोमिल के साथ खुल कर बात करने लगी थी।
फलित को आने में थोड़ा वक्त लगा तो मैंने रोमिल को कहा- इतना दूर क्यूं बैठे हो?
रोमिल खड़ा हुआ और मेरे पास आकर बैठ गया।
फिर उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपनी गोद में बिठा लिया।
मैं भी रोमिल की गोद में बैठ गई.
वो मेरी कमर को दबाते हुए मेरे गले पर चूमने लगा।
उसका लन्ड खड़ा हो गया था और झटके खा रहा था।
मुझे उसके लन्ड के झटके महसूस हो रहे थे।
मेरे गले को चूमते हुए रोमिल मेरे बूब्स को दबाने लगा।
मैं भी धीरे धीरे गर्म हो रही थी, मैंने उसके होंठों पर मेरे होंठ रख दिए।
हम दोनों किस करने लगे।
मैंने धीरे धीरे रोमिल के शर्ट की बटन खोल दिए और उसकी छाती को चूमते हुए मैं उसे और गर्म करने लगी।
रोमिल ने भी मेरी कुर्ती के सारे हुक खोल दिए थे।
हम दोनों एक दूसरे से लिपट कर रोमांस करने लगे थे.
तभी दरवाजे की बेल बजी।
मैं मेरे कपड़े ठीक करने लगी और रोमिल ने आवाज़ लगाते हुए पूछा- कौन है?
तभी फलित ने आवाज़ लगाई- मैं हूं।
उसकी आवाज़ सुनकर रोमिल ने दरवाज़ा खोला।
फलित ने अंदर आते ही देखा मेरे कपड़े थोड़े खुले हुए थे और रोमिल के शर्ट के बटन भी खुले हुए थे।
अंदर आते ही फलित ने कहा- तुम दोनों तो शुरू हो गए, मेरा इंतजार भी नहीं किया।
मैंने भी फलित से कहा- तुम्हारे बगैर हो ही नहीं सकता.
और मैं फलित को किस करने लगी।
फलित भी मुझे किस करने लगा और रोमिल मेरे पीछे आ कर मेरी पीठ पर चूमने लगा।
उन दोनों के एक साथ छूने से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.
मैंने फलित का शर्ट भी उतार दिया।
फिर उन दोनों ने मिलकर मेरी कुर्ती उतार दी।
मेरी कुर्ती उतार कर उन दोनों ने अपने एक हाथ से मेरे एक एक बूब्स को पकड़ लिया और दूसरा से हाथ से मेरे कूल्हों को पकड़ लिया और दबाने लगे।
फिर उन्होंने मेरी ब्रा उतार दी और दोनों एक साथ मेरे एक एक बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगे।
मैं भी पूरी तरह से गरम हो गई और मैं अपने हाथ उनके लन्ड पर फिराने लगी।
उन दोनों के लन्ड खड़े हो गए थे।
मैंने उनकी पैन्ट के ऊपर से ही उनके लन्ड पकड़ लिए।
वो दोनों मेरी गांड को दबाते हुए मेरे बूब्स चूस रहे थे।
उन दोनों ने मिलकर मेरे बूब्स को चूसा और अपने दांतों के निशान मेरे बूब्स पर छाप दिए।
मेरी चूत पूरी तरह से गीली हो गई थी।
फिर उन्होंने मिलकर मेरी सलवार को उतार दिया।
मेरी सलवार को उतार कर उन्होंने मेरी जांघों को सहलाते हुए मेरी चूत को मसलना चालू कर दिया।
वो दोनों एक साथ अपना हाथ मेरी चूत पर रगड़ रहे थे।
मैंने उन दोनों को कहा- अपनी पैन्ट उतार दो.
फिर मैंने उन दोनों की चड्डी के ऊपर से ही उनके लन्ड को पकड़ कर मसलना चालू रखा.
और वो दोनों मेरी गांड और चूत को मसलते हुए मेरे बूब्स को चूसने लगे।
धीरे धीरे उन्होंने मेरी पैंटी को उतार दिया और मैंने भी उनके लन्ड को उनकी चड्डी से बाहर निकाल लिया और पकड़ लिया।
फिर मैं भी एक साथ दोनों के लन्ड को पकड़ कर हिलाने लगी।
तभी रोमिल ने मुझे नीचे बैठा कर अपना लन्ड मेरे मुँह में भर दिया और कहने लगा- आज पहले तुम मेरा चूसो।
मैं रोमिल का लन्ड मजे ले लेकर चूसने लगी.
मेरे सामने दो लण्ड थे, एक फलित का और एक रोमिल का…
मैं रोमिल का लन्ड मुंह में लेकर चूस रही थी और फलित के लन्ड को हाथ में पकड़ कर हिला रही थी।
रोमिल मेरा सिर पकड़ कर मेरे मुंह में अपना पूरा लन्ड डाल रहा था।
थोड़ी देर रोमिल के लन्ड को चूसने के बाद मैंने फलित का लन्ड मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी।
रोमिल का लन्ड मेरी चूत मारने के लिए पूरी तरह से तैयार था।
रोमिल का लन्ड मेरी चूत मारने के लिए पूरी तरह से तैयार था।
मैं फलित का लन्ड चूस रही थी.
तभी रोमिल ने कहा़- चलो सोफे पर चलते हैं. और मज़ा आएगा।
फिर हम तीनों सोफे के पास गए।
फलित सोफे पर बैठ गया और मैं उसके लन्ड को चूसने लगी।
रोमिल ने मुझे कहा- तुम डॉगी स्टाइल में हो कर फलित का चूसो।
मैं डॉगी स्टाइल में हो गई और फलित का लन्ड चूसने लगी।
रोमिल मेरी चूत पर अपनी उंगलियां फिराने लगा और फिर उसने अपनी दो उंगलियां मेरी चूत में डाल दी।
रोमिल अपनी उंगलियां मेरी चूत में घुसा कर हिलाने लगा।
मेरी चूत गीली थी.
रोमिल ने कहा- सच में बहुत मस्त माल हो तुम, आज मज़ा आएगा तुम्हें चोदने का!
मैंने फलित का लन्ड चूसते हुए रोमिल को इशारा किया- अपना हाथ हटाओ मेरी चूत से!
पर तभी रोमिल ने मेरी चूत पर अपना लन्ड रगड़ते हुए एक जोर का झटका लगाते हुए अपना लन्ड मेरी चूत में घुसा दिया।
मेरे मुंह से फलित का लन्ड निकल गया और मेरे मुंह से जोर से आह्ह्ह्ह् करते हुए चीख निकली।
फिर रोमिल ने पीछे से मेरी चूत में अपना लन्ड आगे पीछे हिलाना चालू कर दिया।
रोमिल मुझे चोद रहा था और मैं धीरे धीरे फलित का लन्ड मुंह में लेकर चूस रही थी।
फलित ने मेरा सिर पकड़ कर अपने लन्ड पर दबाए रखा था।
रोमिल लगातार मेरी चूत में अपना लन्ड आगे पीछे करते हुए मुझे अच्छे से चोद रहा था।
मुझे चोदते हुए रोमिल ने फलित से कहा़- यार इसकी गांड भी बहुत मस्त है।
रोमिल ने मेरे कूल्हों पर थप्पड़ लगाते हुए दस मिनट तक लगातार मुझे चोदा।
फिर फलित खड़ा हुआ और उसने कहा़- अब मुझे चोदने दे थोड़ी देर!
रोमिल ने अपना लन्ड मेरी चूत से निकाल दिया।
फलित ने मुझे सीधा सोफे पर लेटा दिया और मेरे पैरों को फैला कर मेरी चूत में अपना लन्ड डाल दिया।
मेरी चूत में अपना लन्ड डाल कर फलित ने मुझे शुरू में धीरे धीरे चोदना शुरु किया।
मैं लेटे हुए रोमिल का लन्ड मेरे हाथ में लेकर हिला रही थीं।
रोमिल मेरे पास खड़े होकर मेरे बूब्स को दबा रहा था।
फलित का आधा लन्ड मेरी चूत में जाते ही मैं झड़ गई थी।
लेकिन अभी तो उसने मुझे चोदना शुरू किया था।
फलित ने मेरे पैरो को अपने कंधों पर रख कर लंबे लंबे झटके मारते हुए अपना पूरा लन्ड मेरी चूत में डाल दिया और मुझे जोर जोर से चोद रहा था।
उसने भी मुझे करीब दस मिनट तक चोदा, फिर उसने अपना लन्ड मेरी चूत से बाहर निकाल लिया।
फलित ने जैसे ही मुझे छोड़ा तो रोमिल ने मेरे पैरों को फैला कर मेरी चूत में अपना लन्ड डाल दिया।
रोमिल मुझे दुबारा चोदने लगा.
फलित मेरे पास बैठा हुआ था और उसने मेरे सिर को अपनी गोद में ले रखा था।
रोमिल मुझे चोदते हुए फलित से बात कर रहा था।
रोमिल ने फलित से कहा़- यार, बहुत मस्त माल है ये, चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा है।
फलित ने रोमिल से कहा़- मैं तो कई बार चोद चुका हूं, बहुत मज़ा देती है।
रोमिल मुझे चोद रहा था और मैं दुबारा से झड़ चुकी थी।
लेकिन वो दोनों में से कोई भी अभी तक एक बार भी झड़ा नहीं था।
मैं रोमिल से चुदवाते हुए फलित का लन्ड मुंह में लेने लगी।
थोड़ी देर बाद फलित ने मुझे फिर से चोदना शुरू किया और रोमिल मेरे मुंह के पास आकर मुझे अपना लन्ड मुंह में देने लगा।
फलित मुझे जोर जोर से चोद रहा था।
उसने मुझे फिर से सात से आठ मिनट तक चोदा फिर वो झड़ने वाला था।
फलित ने अपना लन्ड मेरी चूत से बाहर निकाल कर मेरे मुंह में दे दिया।
फलित के लन्ड से वीर्य छुटने लगा और उसने अपना सारा माल मेरे मुंह में भर दिया।
रोमिल ने मेरा नाक दबा कर मुझे फलित का पूरा माल निगलवा दिया।
फिर रोमिल ने मुझे कहा- इसका तो हो गया, चल अब मैं तुझे चोदता हूं। डॉगी स्टाइल में आ जा।
मैं डॉगी स्टाइल में हो गई और रोमिल ने मेरी चूत में अपना लन्ड डाल दिया।
उसका लन्ड एक ही बार में पूरा मेरी चूत में चला गया।
फिर उसने मेरे कूल्हों को दबा कर मेरी चूत में अपना लन्ड हिलाना शुरू कर दीया।
मैं भी खुद को आगे पीछे करते हुए उससे चुदवाने लगी।
मैं एक बार फिर से झड़ गई और मेरे बाद रोमिल का भी छुटने वाला ही था।
उसने अपने धक्के तेज कर दिए।
तेज़ी से मुझे चोदते हुए उसने कहा- सीधी हो कर नीचे बैठ जा, मेरा छुटने वाला है।
फिर उसने भी अपना सारा माल मेरे मुंह में भर दिया और मुझे पिला दिया।
फिर उन दोनों ने मुझे कहा- जाओ फ्रेश हो जाओ. और सामने बेडरूम है, थोड़ी देर आराम कर लो।
मैं मेरे कपड़े उठाने लगी तो रोमिल ने कहा- अभी मत पहनो, अभी और चोदना है तुम्हें!
मैं हंसते हुए मेरे कपड़े ले कर बाथरूम में चली गई और फ्रेश हो कर बेडरूम में चली गई।
वो दोनों अपने कपड़े पहने हुए थोड़ी देर टीवी देखने लगे।
थोड़ी देर बाद रोमिल और फलित बेडरूम में आए।
उन्होंने मुझे कहा़- क्या खाना चाहोगी?
मैंने कहा- कुछ भी ले आओ।
फिर रोमिल हम सब के लिए खाना लेने बाहर गया।
मैं बेडरूम से बाहर निकल कर फलित के पास बैठ कर उससे बातें करने लगी।
बातों ही बातों में हमने धीरे धीरे एक दूसरे को किस करना चालू कर दिया।
किस करते हुए फलित ने मुझे नंगी कर दिया और मैंने भी उसके कपड़े उतार दिए।
फिर मैंने फलित का लन्ड मुंह में लेकर चूसा और कहा़- चोद दो मुझे … मुझे तुमसे चुदना है।
फलित ने मुझे कहा- टेबल के पास झुक कर खड़ी हो जाओ।
मैं झुक कर खड़ी हो गई और फलित ने मेरी चूत में अपना लन्ड डाल दिया।
फलित मेरी चूत में अपना लन्ड हिलाते हुए मुझे चोद रहा था।
मुझे उससे चुदवाते हुए बहुत मज़ा आ रहा था।
मैं चाहती थी कि रोमिल को आने में ज्यादा वक्त लगे और फलित मुझे ऐसे ही चोदता रहे।
फलित का पूरा लन्ड मेरी चूत में चला गया था और वो मुझे बहुत मज़े से चोद रहा था।
मुझे भी उसका लन्ड लेते हुए मज़ा आ रहा था और मैं एक बार झड़ चुकी थी।
फलित मुझे चोद रहा था तभी दरवाज़े पर दस्तक हुई.
फलित दरवाज़ा खोलने जा रहा था।
मैंने फलित को रोका और कहा- तुम्हारा दोस्त ही होगा, खड़ा रहने दो बाहर। तुम चोदते रहो यूं ही!
फलित ने मुझे कहा- चोद रहा हूं, लेकिन उसको तो अंदर आ जाने दो।
मैंने कहा- थोड़ी देर खड़ा रहने दो, बस तुम मुझे चोदते रहो। मुझे तुमसे और चुदना है।
फलित मुझे चोदने लगा।
तभी दूसरी बार दरवाज़े पर दस्तक हुई.
और बाहर से कोई चिल्लाया- रोमिल दरवाज़ा खोल!
मैं और फलित दोनों चौक गए।
हम दोनों को कुछ समझ में नही आ रहा था कि क्या करें।
फलित ने मुझे कहा- तुम जाओ जल्दी से बेडरूम में छुप जाओ। मैं देखता हूं कि कौन है।
मैं जल्दी से बेडरूम में चली गई और फलित ने मेरे कपड़े बेडरूम की तरफ फेंक दिए।
फलित ने भी फटाफट से अपने कपड़े पहने।
लेकिन मेरी पैंटी वहीं सोफे के पास रह गई थी।
फलित ने अपने कपड़े पहने और मैंने बेडरूम का दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया।
उसने घर का दरवाज़ा खोला तो रोमिल का कोई रिश्तेदार उसको मिलने आया था।
वो फलित से रोमिल के बारे में पूछने लगा और तभी पीछे पीछे रोमिल भी घर पर आ गया।
रोमिल का रिश्तेदार घर के अंदर आ गया और बातें करने लगा।
मैं, फलित और रोमिल तीनों बहुत ही टेंशन में आ गए थे।
मैं बेडरूम के दरवाज़े पर खड़ी होकर उनकी बातें सुन रही थी।
रोमिल अपने रिश्तेदार से फलित की जान पहचान करवा रहा था।
रोमिल के रिश्तेदार की आवाज़ सुनकर लगता था कि वो भी एक जवान लड़का है।
वे तीनों बाहर बैठकर बातें करने लगे।
मुझे उनकी बातें साफ सुनाई दे रही थीं।
वो तीनों मिलकर नॉर्मल बात कर रहे थे।
मैं मेरे कपड़े पहनने लगी थी और तभी मुझे पता चला कि मेरी पैंटी बाहर ही छुट गई हैं।
मैं और ज्यादा टेंशन में आ गई।
थोड़ी ही देर बाद रोमिल का रिश्तेदार चला गया.
और फलित ने मुझे कहा़- मधु, तू बाहर आजा। खाना आ गया है।
मैंने धीरे से बेडरूम का दरवाज़ा खोला और देखा।
रोमिल का रिश्तेदार चला गया था और रोमिल ने दरवाज़ा बंद कर दिया था।
मैंने फलित से कहा़- मेरी पैंटी नहीं मिल रही है, देखो ना, सोफे के पास ही पड़ी होगी।
फलित ने कहा़- हां, यार, यहीं पर पड़ी हुई है। अच्छा हुआ नीरज ने देखा नहीं। नहीं तो फंस जाते हम सब!
फिर मैं मेरी पैंटी ले कर बाथरूम में जाने लगी।
तभी रोमिल ने कहा- अरे, अभी क्यूं पहन रही हों। खाना खा ले, फिर दुबारा चोदेंगे तुम्हें!
फलित ने भी रोमिल की बात में हां मिलाते हुए कहा़- रहने दो फिर वापस उतारनी पड़ेगी।
मैं उन दोनों की तरफ हंसते हुए देख कर बाथरूम में चली गई और पैंटी पहन कर उनके साथ खाना खाने बैठ गई।
हम तीनों ने साथ में मिलकर खाना खा लिया।
फिर फलित और रोमिल ने मुझे पकड़ चूमना चालू कर दिया।
फलित मुझे होंठों पर किस कर रहा था और रोमिल मेरे गले पर किस कर रहा था।
मैं बीच में थी, मेरे एक ओर फलित तो दूसरी ओर रोमिल था।
मुझे किस करते हुए उन दोनों ने मिलकर मुझे नंगी कर दिया और फिर उन्होंने भी अपने कपड़े उतार दिए।
फिर फलित ने मेरा एक हाथ पकड़ कर रोमिल के लन्ड पर रख दिया और दूसरे हाथ में अपना लन्ड पकड़ा दिया।
एक साथ दो-दो लन्ड पकड़ने का मस्त अहसास था!
मैं डबल सेक्स का मजा लेती हुई मस्त होकर दोनों को प्यार से सहलाने लगी।
वो दोनों कभी मुझे चूमते चाटते, कभी मेरे बूब्स दबाते और सहलाते!
अब वे दोनों मेरे पूरे बदन की मसाज कर रहे थे और चूम चाट रहे थे।
कभी दोनों मेरे एक-एक बूब्स को चूसते तो कभी गाल और होंठ चूसते।
मैं तो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी और मेरी चूत गीली हो कर रस टपकाने लगी थी।
तभी फलित ने मुझे पूछा- अब मेरी जान क्या चाहिए तुम्हें?
मैंने कहा़- जो तुम बोलो वही।
फलित ने कहा- चूस दे मेरा, अब पहले मैं चोदूंगा तुझे!
मैं फलित का लन्ड मुंह में लेकर चूसने लगी।
रोमिल ने अपना हाथ मेरी चूत पर घूमना शुरू कर दिया।
मैं खड़ी हुई थी और झुक कर फलित का लन्ड चूस रही थी।
थोड़ी देर बाद मैंने रोमिल का लन्ड मुंह में ले लिया और फलित मेरे पीछे खड़ा हो कर मेरी चूत में अपना लन्ड डाल कर मुझे चोदने लगा।
मैं बड़ी मस्ती से चूत में और मुंह में लन्ड ले कर चुद रही थी।
फलित भी मज़े ले कर मुझे चोदने लगा था।
तभी फिर से घर के दरवाज़े पर जोर जोर से दस्तक होने लगी।
फलित, मैं और रोमिल तीनों एकदम से चौंक गए।
रोमिल ने फटाफट से मेरे कपड़े मेरे हाथ में दिए और कहा- जाओ, अंदर जा कर छुप जाओ।
मैं फटाफट से मेरे कपड़े ले कर बाथरूम में चली गई।
फलित ने भी अपने कपड़े उठाए और मेरे पीछे पीछे बाथरूम में आ गया।
रोमिल अपने कपड़े पहनने लगा।
दरवाज़े पर दस्तक ओर तेज़ हो गई थी।
रोमिल ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और दरवाज़ा खोला।
रोमिल ने दरवाज़ा खोलते ही देखा तो सामने उसका चचेरा भाई नीरज था।
नीरज तुरंत ही अंदर चला आया और रोमिल से पूछने लगा- इतना टाइम क्यूं लगा दरवाज़ा खोलने में?
रोमिल ने घबराते हुए कहा- वो मैं बाथरूम में था।
मैंने हल्के से फलित से पूछा- कौन हैं ये?
फलित ने कहा़- इसका भाई हैं, जो थोड़ी देर पहले आया था।
मैंने फलित से पूछा- अब क्या होगा?
फलित ने मुझे इशारे में कहा़- चिंता मत करो, रोमिल संभाल लेगा।
फलित अपने कपड़े पहनने लगा और मैंने भी मेरे कपड़े पहन लिए।
मैंने मेरे कपड़े पहन लिए।
हम दोनों नीरज के जाने का इंतजार कर रहे थे।
मैं और फलित दोनों टेंशन में थे।
तभी बाहर से नीरज की आवाज़ सुनाई दी।
वो रोमिल से पूछ रहा था- तेरा वो दोस्त कहाँ गया? अभी थोड़ी देर पहले तो यहीं था।
रोमिल ने उसे झूठ कहा़ कि वो चला गया।
नीरज ने रोमिल से पूछा- देख, सच बता यहां क्या हो रहा है। तेरे दोस्त के जूते बाहर ही हैं।
रोमिल फंस गया और उसने बोल दिया वो बाथरूम गया है।
फलित ने मुझे इशारे में कहा़- तुम यहीं रुको, मैं बाहर जा कर संभालता हूं।
फलित बाथरूम से बाहर गया।
मैंने बाथरूम का दरवाज़ा बंद कर दिया।
नीरज ने फलित से कहा़- इसने झूठ बोला और ये पकड़ा गया। अब तू बता यहां क्या हो रहा हैं। इसने झूठ क्यूं कहा़?
फलित के पास कोई जवाब नहीं था।
फलित ने झूठ बोलने की कोशिश की लेकिन नीरज को यकीन था कि कुछ तो चल रहा हैं।
इसलिए नीरज ने सीधे सीधे उन दोनों से बात की।
नीरज ने फलित और रोमिल से पूछा- झूठ मत बोलो तुम दोनों! बाहर एक लड़की के सैंडल हैं। मैं थोड़ी देर पहले आया था तो यहां सोफे के नीचे एक हरे रंग की लड़की की पेंटी थी। अभी जब आया तो रोमिल को दरवाज़ा खोलने में बहुत वक्त लगा। तुम दोनों ने किसी कॉल गर्ल को घर पर बुलाया हैं। कहा़ है वो रंडी? बेडरूम में तो कोई भी नहीं है।
तभी रोमिल ने कहा- नहीं भाई, यहां कोई नहीं है. बस मेरा दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड को साथ लाया था। अब वो चली गई है।
नीरज ने रोमिल से कहा़- तो बाहर सैंडल तेरी मम्मी की हैं?
नीरज ने उन दोनों को डरा दिया और उनसे सच बुलवा लिया।
रोमिल ने सब सच बता दिया।
फिर नीरज ने फलित से कहा़- कहाँ है तेरी दोस्त, बाहर बुला उसे!
फलित बाथरूम के पास आया और बोला- बाहर आ जाओ। कुछ नहीं होगा, डरने की कोई बात नहीं है।
मैं भी जानती थी अब कोई रास्ता नहीं है तो मैं भी बाहर आ गई।
मैं तो नज़र उठाकर सामने देख ही नहीं रही थी.
लेकिन नीरज मुझे ही घूर रहा था।
मेरे बाहर आते ही नीरज ने मुझे कहा- तुम अंदर रूम में जाओ।
फिर उसने पहले रोमिल को खूब डांटा फिर फलित को डांटने लगा।
थोड़ी देर बाद नीरज रूम के अंदर आया और मुझे भी डांटने लगा और लेक्चर झाड़ने लगा।
वो मुझे डराते हुए पूछने लगा- कहा़ रहती हो तुम, चलो मैं तुम्हे घर छोड़ने आता हूं और तुम्हारे पापा को सब बताता हूं।
मैं सच में थोड़ा डर गई और रोने लगी।
फलित रूम में आया और नीरज से माफी मांगने लगा।
रोमिल ने भी फलित का साथ देते हुए माफी मांगी।
नीरज थोड़ा सा नरम पड़ गया था।
लेकिन बहुत लेक्चर झाड़ रहा था।
मुझे रोती हुई देखकर उसने कहा़- जाओ अपना मुंह धो लो. और चलो मैं तुम्हें घर छोड़ देता हूं।
मैं बाथरूम में गई और अपना मुंह धो रही थी।
तभी मुझे ख्याल आया कि बचना है तो इसको पटाना पड़ेगा।
वैसे देखने में तो अच्छा खासा हैंडसम है। और मैं तो स्लट बन ही चुकी थी.
मैंने बाथरूम से फलित को आवाज़ लगा कर बुलाया।
तो नीरज बाहर से चिल्लाते हुए बोला- वो नहीं आएगा, तुम्हीं बाहर आ जाओ।
मैंने फिर से फलित को आवाज़ लगाई।
मैंने तीन से चार बार फलित को आवाज़ लगाई तो वो अंदर आ गया।
मैंने उसे कहा़- अब क्या करेंगे?
फलित ने कहा- सोरी यार, मैं उसे समझाने की कोशिश करता हूं।
मैंने फलित से कहा़- मेरे पास एक रास्ता है।
फलित ने मुझसे पूछा- क्या रास्ता है?
मैंने फलित को कहा़- वो जैसे मुझे देख रहा था, वो देखकर लगता था कि वो मुझ में इंटरेस्टेड है। मैं उसे पटाने की कोशिश करती हूं।
फलित ने मुझे कहा़- हां यार, अगर तू उसे पटा लगी तो सब ठीक हो सकता है।
फलित ने थोड़ा टेंशन में मुझे पूछा- लेकिन तू उसको पटा सकेगी?
मैंने मुस्कुराते हुए फलित से कहा़- तुम बाहर जाओ, मैं अभी आती हूं। बस तुम देखते रहना कैसे मैं उसे उसको पटाती हूं।
फिर फलित बाहर चला गया।
नीरज ने चिल्लाते हुए कहा- कितना वक्त लगेगा तुम्हें बाहर आने में?
मैं ठीक से फ्रेश हो कर बाहर गई।
नीरज वहीं सोफे पर बैठा हुआ था।
रोमिल और फलित उसके अगल बगल खड़े थे।
नीरज बोला- चलो मैं तुम्हें घर छोड़ देता हूं. कहाँ रहती हो तुम?
मैं धीरे धीरे सोफे की तरफ़ आगे बढ़ी।
नीरज सोफे से उठकर खड़ा होने लगा था।
मैंने जान बूझकर गिरने का नाटक किया और मैं नीरज के ऊपर गिरी।
नीरज ने कहा- संभल कर चलो।
उसके हाथ मेरी कमर पर आ गए।
वो मुझे कमर से पकड़कर खड़ी होने के लिए मदद कर रहा था।
मैंने अपना हाथ उसके लन्ड पर रखा और उसका लन्ड दबा लिया।
उसका लन्ड खड़ा था और मैंने उसे सोरी बोलते हुए उसके हाथ पकड़ कर मेरी कमर पर लपेट दिए।
नीरज कुछ बोलने की कोशिश कर रहा था और मैंने उसके होंठों पर मेरे होंठ रख कर किस कर दिया।
नीरज सोफे पर बैठा हुआ था.
मैंने उसके गले में मेरी बाहें डाल दी और उसके होंठों पर किस करने लगी।
मैंने ही उसके हाथ मेरी कमर पर लपेट दिए थे।
उसका भी तो खड़ा हो गया था।
जब लन्ड खड़ा हो और हॉट लड़की गोद में बैठी हों तो कोई भी मर्द का खुद को कैसे संभाल सकता है।
मैं उसे होंठों पर किस कर रही थीं और वो भी मुझे किस करने लगा था।
नीरज भी चूदाई के लिए गरम हो रहा था।
फलित और रोमिल वहाँ से दूसरे कमरे में जाने लगे।
मैंने नीरज को किस करते हुए फलित को रुकने का इशारा किया और वो दोनों भी वहीं रुक गए।
मैं नीरज के होंठों पर किस करते हुए उसकी पैन्ट के ऊपर से उसके लन्ड को पकड़ कर दबा रही थी।
उसका लन्ड पूरी तरह से खड़ा हो गया था।
नीरज भी गरम हो गया था और मुझे किस करने लगा था।
वो भी अपने हाथ मेरी कमर पर लपेट कर मेरे बदन को मसलने लगा था।
फलित और रोमिल सिर्फ देख रहे थे।
नीरज को किस करते हुए मैंने नीरज की शर्ट खोल दी और मैं उसको उसकी छाती पर चूमने लगी।
नीरज भी मेरी गांड को पकड़ कर मेरे कूल्हों को दबाने लगा।
फिर मैं खड़ी हो गई और मैंने मेरी कुर्ती उतार दी।
नीरज ने मुझे कहा़- यू स्लट … ब्रा भी उतार दे, तेरे दूध बहुत बड़े हैं।
मैंने उसकी तरफ स्माइल करते हुए मेरी ब्रा उतार दी।
मेरे बड़े बड़े बूब्स को देखकर नीरज खुद को रोक नहीं पाया और वो भी सोफे से खड़ा हो गया।
फिर उसने मेरी कमर में अपना हाथ डालकर मेरे बूब्स को चूसना चालू कर दिया।
नीरज मेरे बूब्स को बारी बारी चूस रहा था और मैंने फलित को मेरे पास आने का इशारा किया।
फलित मेरे पास आकर खड़ा हो गया और मैं उसके लन्ड को पकड़ कर मसलने लगी।
तभी अचानक से रोमिल मेरे पीछे आके खड़ा हो गया और मुझे चिपक कर खड़ा हो गया।
रोमिल का लन्ड मेरी गांड पर छू रहा था। उसका भी खड़ा हो गया था।
रोमिल ने मेरी सलवार को नीचे कर दिया और वो मेरी पैंटी में अपना हाथ डालकर मेरी चूत को रगड़ने लगा। मेरी चूत गीली हो गई थीं और मैं बहुत ही गरम हो चुकी थी।
थोड़ी देर बाद तीनों ने मुझे एक पल के लिए छोड़ा और मैंने मेरी गीली पैंटी उतार दी। मैं स्लट बनकर उन तीनों के बीच में नंगी खड़ी थी। फिर उन तीनों ने अपने पूरे कपड़े उतार दिए और नंगे हो गए।
नीरज, फलित और रोमिल तीनों के लन्ड तन कर खड़े हो गए थे। मैं उन तीनों के बीच में मेरे घुटनों पर बैठ गई और मैंने पहले नीरज का लन्ड मुंह में ले लिया।
नीरज का लन्ड मुंह में लेकर मैं उसे चूसने लगी। तभी रोमिल मेरे करीब आया और उसने अपना लन्ड मेरे हाथ में पकड़ा दिया। मैं उसके लन्ड को हिलाने लगी।
वो देख कर फलित भी मेरे करीब आ गया और उसने भी अपना लन्ड मेरे दूसरे हाथ में पकड़ा दिया। मैं दोनो हाथो में एक एक लन्ड को पकड़ कर हिलाते हुए नीरज का लन्ड चूस रही थीं।
थोड़ी देर बाद मैं तीनों के लन्ड को बारी बारी मुंह में लेने लगी और बारी बारी सबके लन्ड को पकड़ कर हिला रही थीं। मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था।
मैंने करीब बीस मिनट तक बारी बारी तीनों के लन्ड को मुंह में लेकर चूसा था। उसमे सबसे ज्यादा मैंने नीरज का लन्ड मुंह में लिया था।
नीरज का लन्ड मेरी चूदाई के लिए पूरी तरह से तैयार हो गया था। उसका लन्ड भी मेरे थूक से चिकना हो गया था और मेरी चूत भी चुदने के लिए तड़पने लगी थी।
फिर नीरज ने मुझे खड़ा किया और मुझे बेडरूम में ले गया। फलित और रोमिल भी बेडरूम में चले आए। बेडरूम में जाते ही नीरज ने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया।
फिर नीरज ने मेरे पैरों को फैला कर मेरी चूत में अपना लन्ड डाल दिया। नीरज का आधा लन्ड एक ही झटके में मेरी चूत में चला गया।
फिर नीरज ने मेरे पैरों को अपने कंधो पर रख दिया और वो मेरी चूत में अपना लन्ड डाल कर मुझे चोदने लगा। फलित मेरी दाई तरफ आ कर मुझे अपना लन्ड मुंह में देने लगा।
रोमिल मेरी बाईं तरफ आ गया और उसने अपना लन्ड मेरे हाथ में पकड़ा दिया। फलित और रोमिल मेरे बूब्स को दबाने लगे थे और नीरज मुझे जोर जोर से चोद रहा था।
थोड़ी देर बाद रोमिल ने मुझे कहा मेरा भी चूस। और मैं बारी बारी फलित और रोमिल का लन्ड मुंह में लेकर चूसने लगी। नीरज जोर जोर से मुझे चोद रहा था।
नीरज ने करीब पन्द्रह मिनट तक लगातार मेरी चूदाई की। मेरी चूत ने दो बार पानी छोड़ दिया था और फिर नीरज ने भी मेरी चूत में अपना सारा वीर्य निकाल दिया।
नीरज ने अपना वीर्य निकालने के बाद मेरी चूत से अपना लन्ड बाहर निकाला और कहा, क्या मस्त माल है बड़ा मज़ा आया चोदने मे।
नीरज ने अपना लन्ड निकालते ही रोमिल सीधा हो कर मेरे बगल में लेट गया और कहा़, आजा अब मेरे लन्ड की सवारी कर ले थोड़ी देर।
रोमिल का लन्ड भी खड़ा होकर मेरी चूत में घुसने के लिए तैयार था।
मैं धीरे से रोमिल के ऊपर चढ़ गई और मैंने मेरी चूत को उसके लन्ड पर सेट किया।
रोमिल के लन्ड पर चूत को सेट करने के बाद मैं धीरे धीरे उसके लन्ड पर दबाने लगी।
धीरे धीरे मेरी चूत ने रोमिल का पूरा लन्ड निगल लिया।
रोमिल का पूरा लन्ड मेरी चूत में चला गया था और वो नीचे से उछल उछल कर मेरी चूदाई करने लगा था।
मेरे मुंह से आह्ह्ह आह्ह्ह्ह करते हुए सिसकियां निकल रही थीं।
मैं फलित के लन्ड को मुंह में नही ले पा रही थीं। मैंने एक हाथ से फलित का लन्ड पकड़ा हुआ था। मेरे बूब्स ऊपर नीचे उछल कूद कर रहे थे।
थोड़ी ही देर में नीरज मेरे पास आया और मेरे बूब्स को दबाने लगा।
मैंने उसे कहा, अभी मत दबाओ लेकिन वो मेरे बूब्स को दबाने लगा।
उसने भी मेरे एक हाथ में अपना लन्ड पकड़ा दिया।
मेरा बैलेंस बिगड़ने लगा था और मैं रोमिल के ऊपर से नीचे उतर गई।
रोमिल ने मेरे पैरों को फैला कर मेरी चूत में अपना लन्ड डाल दिया।
रोमिल से चुद्ते हुए मैं फलित और नीरज के लन्ड को मुंह में ले रही थी।
थोड़ी देर में रोमिल ने भी मेरी चूत में अपना सारा वीर्य निकाल दिया।
रोमिल के बाद फलित ने भी मेरी चूत में अपना लन्ड डाल कर मुझे चोदना चालू किया।
फलित से चुद्ते हुए मैं नीरज का लन्ड चूस रही थीं।
नीरज का लन्ड भी खड़ा हो गया था और मुझे दुबारा चोदना चाहता था। फलित ने भी मुझे दस मिनट से ज्यादा चोदा और जब उसका वीर्य निकलने वाला था तो उसने अपना लन्ड मेरे मुंह में दे दिया।
फलित ने अपना सारा वीर्य मेरे मुंह में दे दिया। मैं उसका सारा वीर्य निगल गई। तीनों ने मुझे जमकर बहुत चोदा, उनसे चुदने में मुझे भी बहुत मज़ा आया था।
उस दिन मैं दो से चुदने गई थीं लेकिन दो के बदले मुझे तीन लन्ड मिले।
उस दिन फलित और रोमिल से चार बार और नीरज से मैं तीन बार चूदी थी।
कहानी कैसी लगी? आप अपने विचार लिखिएगा.
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